भारत की इकलौती इंटरनेशनल आइस रिंक को सीएम धामी ने बताया देश-उत्तराखंड की शान

हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

साढ़े 8 करोड़ की लागत से किया गया हिमाद्रि आइस रिंक का जीर्णोद्धार 

आइस रिंक संचालन के लिए स्थापित किया गया 1 मेगावाट का सोलर प्लांट 

बीते एक वर्ष में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी का बना केंद्र 

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी की सफल मेजबानी पर जताया गर्व 

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उत्तराखंड में लागू होगा स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान, 8 शहरों में खुलेंगी 23 खेल अकादमियां

हल्द्वानी में खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना पर तेजी से कार्य 

एस पी अरोड़ा 

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित हिमाद्रि आइस रिंक के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों एवं सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिमाद्रि आइस रिंक की प्रथम वर्षगांठ पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड हॉकी आइस टीम की जर्सी व पे और प्ले पोर्टल का विमोचन किया |


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक “हिमाद्रि” केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है, जो खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित this आइस रिंक में सर्वप्रथम साउथ एशियन विंटर गेम्स का आयोजन किया गया था, लेकिन बाद के वर्षों में विभिन्न कारणों से इसका सुचारु संचालन एवं रखरखाव नहीं हो पाने के कारण इसे बंद करना पड़ा।


उन्होंने कहा कि आइस रिंक की बदहाल स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया और लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपये की लागत से पिछले वर्ष इसी दिन इसका जीर्णोद्धार कर इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के सामूहिक प्रयासों के परिणामस्वरूप आज यह आइस रिंक एक बार फिर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन का केंद्र बन रही है। उन्होंने बताया कि बीते एक वर्ष के दौरान यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग तथा महिला एवं बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविरों का सफल आयोजन किया गया। साथ ही वर्तमान में विभिन्न राज्यों के खिलाड़ी यहां स्केटिंग एवं आइस हॉकी का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय आइस हॉकी टीम का प्रशिक्षण शिविर भी इसी आइस रिंक में आयोजित किया गया। उन्होंने इसे प्रदेश के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार “एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी” की सफल मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें भी उस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में आइस स्केटिंग और आइस हॉकी के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत शीतकालीन खेलों में एक मजबूत शक्ति के रूप में उभरेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में “खेलो इंडिया” और “फिट इंडिया मूवमेंट” जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से देश में खेल संस्कृति को प्रोत्साहन मिला है और आज भारत खेलों के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में राज्य सरकार उत्तराखंड में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन से उत्तराखंड को “देवभूमि” के साथ-साथ “खेलभूमि” के रूप में नई पहचान मिली है। इन राष्ट्रीय खेलों में राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना विकसित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इसी दिशा में शीघ्र ही राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ लागू किया जाएगा, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना के लिए भी तेजी से कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेलों के समग्र विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से नई खेल नीति लागू की गई है, जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेताओं को सरकारी नौकरी की सुविधा प्रदान की जा रही है।


मुख्यमंत्री ने खेल मंत्री रेखा आर्य से यह सुनिश्चित करने को भी कहा कि खिलाड़ियों से संबंधित योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने कहा कि आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में अध्ययनरत खिलाड़ियों को निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ खेल छात्रवृत्ति जैसी सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ तथा ‘खेल किट योजना’ के माध्यम से प्रदेश के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेलों को राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम मानते हुए उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश के खिलाड़ी अपनी मेहनत और प्रतिभा के बल पर उत्तराखंड का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करते रहेंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

 

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