राहुल गुप्ता
नैनीताल, 7 अक्टूबर। नैनीताल और कैंचीधाम जाने वाले पर्यटकों के लिए अब बिना बुकिंग यात्रा करना मुश्किल हो सकता है। पिछले दिनों उमड़ी भारी भीड़ के बाद प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। कैंचीधाम में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन लागू करने की तैयारी है और इसके लिए डीएम व एसएसपी को विस्तृत योजना बनाकर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
50 हजार से ज्यादा की भीड़ ने बढ़ाई चिंता
पिछले वीकेंड कैंचीधाम में एक दिन में 50 हजार से ज्यादा श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच गए थे। इसके बाद कुमाऊं कमिश्नर ने टैक्सी, होटल और अन्य स्टेकहोल्डरों के साथ बैठक कर भीड़ प्रबंधन की रणनीति पर चर्चा की।
प्रशासन का कहना है कि हाईवे को किसी भी हालत में बाधित नहीं होने दिया जाएगा। अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ की ओर जाने वाले वाहनों के लिए फ्री मूवमेंट बनाए रखना जरूरी होगा। कैंचीधाम में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए जाएंगे।
वीकेंड से पहले शटल सेवा की तैयारी
वीकेंड से पहले सीओ और एसडीएम को बैठक कर शटल सेवा की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, 20,000 से 25,000 लोगों तक की भीड़ को मैनेज किया जा सकता है, लेकिन इससे ज्यादा भीड़ होने पर व्यवस्था बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए बिना बुकिंग आने वाले पर्यटकों की एंट्री पर रोक लगाने की तैयारी है।
कैंचीधाम में शिप्रा नदी में नहाने पर भी रोक लगा दी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए वन विभाग को निर्देश दिए गए हैं।
ज्यादा पैसे वसूलने वालों पर होगी कार्रवाई
कैंचीधाम में ओवररेटिंग करने वाले दुकानदारों और होटल संचालकों पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। दुकानों और होटलों में सामान व कमरों की रेटलिस्ट लगाना अनिवार्य किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ छापेमारी और कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस निरस्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन की योजना के मुताबिक, नैनीताल से कैंचीधाम तक उन्हीं पर्यटकों को प्रवेश दिया जाएगा, जिनके पास पहले से बुकिंग या निर्धारित रजिस्ट्रेशन होगा। इसका उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करने के साथ-साथ कैंचीधाम से आगे जाने वाले ट्रैफिक के लिए हाईवे को खाली रखना है।
त्रियुंड में भी तय होगी पर्यटकों की सीमा
कैंचीधाम के साथ हिमाचल प्रदेश के त्रियुंड में भी पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने का फैसला लिया गया है। वहां वन विभाग रोजाना 1,000 पर्यटकों की क्षमता सीमा को सख्ती से लागू करने की तैयारी में है। दोनों राज्यों में लोकप्रिय पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर बढ़ती भीड़ के बाद प्रशासन अब पहले से ही संख्या नियंत्रित करने पर जोर दे रहा है।
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