PM मोदी के जन्मदिवस पर 2100 दीपों से जगमगाया यमुना तट

सीएम पुष्कर सिंह धामी ने 7.52 करोड़ के स्नान घाट का किया लोकार्पण

MDDA ने बदली हरिपुर कालसी के यमुना तट की तस्वीर

श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विकसित हुआ सुविधाओं से लैस स्नान घाट

न्यूज़म ब्यूरो

देहरादून, 17 सितम्बर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर हरिपुर कालसी में माँ यमुना का तट आस्था, संस्कृति और विकास के रंग में नजर आया। ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में 2100 दीपों से यमुना तट रोशन हुआ। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साधु-संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के साथ माँ यमुना की आरती में प्रतिभाग किया। इस दौरान माँ यमुना की प्रतिमा का अनावरण और हरिघाट का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा 7.52 करोड़ रुपये की लागत से विकसित स्नान घाट भी जनता को समर्पित किया। इसके साथ ही माँ यमुना कृष्ण मंदिर का शिलान्यास किया गया।

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170 मीटर लंबे घाट से बढ़ीं सुविधाएं
यमुना नदी के दायीं ओर विकसित स्नान घाट 170 मीटर लंबा और 15 मीटर चौड़ा है। करीब 7.52 करोड़ रुपये की लागत से एमडीडीए द्वारा तैयार इस परियोजना में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और तट के सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। देहरादून-चकराता राष्ट्रीय राजमार्ग-507 पर देहरादून से करीब 45 किलोमीटर दूर स्थित हरिपुर कालसी जौनसार-भाबर का प्रमुख प्रवेश द्वार है। क्षेत्र धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। आसपास अशोक शिलालेख, देवस्थल मंदिर और अश्वमेघ यज्ञ स्थल जैसे महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।

घाट के नदी की ओर एमडीडीए द्वारा 170 मीटर लंबी और पांच मीटर ऊंची दो आरसीसी सुरक्षा दीवारें बनाई गई हैं। करीब 2000 वर्गमीटर क्षेत्र में आरसीसी और रेड सैंड स्टोन से दो प्लेटफॉर्म तैयार किए गए हैं। नदी तक सुरक्षित पहुंच के लिए सीढ़ियां बनाई गई हैं, जबकि माँ यमुना की आरती के लिए चार आरसीसी आरती स्थल विकसित किए गए हैं।

सोलर लाइट और सुरक्षा इंतजाम
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा घाट पर रात में बेहतर प्रकाश व्यवस्था के लिए 25 सोलर लाइटें लगाई गई हैं। सौंदर्यीकरण के लिए प्लांटर्स और आगंतुकों के बैठने के लिए शेड के साथ 12 बेंच स्थापित की गई हैं। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय और चेंजिंग रूम का रेनोवेशन किया गया है। पेयजल के लिए वाटर स्पाउट की व्यवस्था की गई है। नदी किनारे सुरक्षा के लिए करीब 300 मीटर लंबी एसएस रेलिंग और एसएस चेन लगाई गई है। इससे स्नान और धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं को अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण मिलेगा।

रोजाना आरती के लिए तैयार हुआ तट
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने बताया कि हरिपुर कालसी का यमुना तट लंबे समय से धार्मिक आस्था का केंद्र रहा है। यहां पहले साप्ताहिक रूप से माँ यमुना की आरती होती रही है। नए घाट के विकसित होने से अब प्रतिदिन आरती के आयोजन के लिए भी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं। घाट की सुरक्षा दीवारें यमुना के जलस्तर में वृद्धि के दौरान तटवर्ती क्षेत्र की सुरक्षा में भी सहायक होंगी।

आस्था के साथ पर्यटन को भी मिलेगा विस्तार
MDDA उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि नए घाट के निर्माण से हरिपुर कालसी के यमुना तट को व्यवस्थित स्वरूप मिला है। स्नान, आरती, बैठने, पेयजल, प्रकाश और सुरक्षा जैसी सुविधाओं के एक साथ उपलब्ध होने से श्रद्धालुओं के साथ यहां आने वाले पर्यटकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले इस क्षेत्र में विकसित आधारभूत ढांचा स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी विस्तार देने में सहायक हो सकता है।

 

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