पूर्व मुख्यमंत्री ने पीए चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर ईडी की छापेमारी के एक दिन बाद लिया फैसला, बोले- राहुल गांधी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं और मैं पार्टी के संघर्ष को कमजोर नहीं करना चाहता
Rahul Gupta
देहरादून, 12 सितंबर।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया है। उनका यह फैसला उनके पीए और करीबी सहयोगी चंदन सिंह जीना के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के एक दिन बाद आया है।
रावत ने कहा कि ऐसे समय में जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं, उनके पीए पर लगे आरोपों से पार्टी के संघर्ष को नुकसान पहुंच सकता है। इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया है।
बोले- मेरी वजह से पार्टी कमजोर नहीं होनी चाहिए
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और उसके कार्यकर्ता भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर लड़ रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है।
रावत ने कहा कि ऐसे समय में उनके किसी भी कृत्य से अगर पार्टी के संघर्ष में कमजोरी आती है तो वह ऐसा बिल्कुल नहीं चाहेंगे। उन्होंने कहा कि इसी सोच के साथ उन्होंने अपने ईष्ट देवता का स्मरण करने के बाद यह बड़ा फैसला लिया है।
चंदन सिंह जीना के ठिकाने पर ईडी की छापेमारी
प्रवर्तन निदेशालय ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा-2016 में कथित गड़बड़ी से जुड़े मामले में 10 सितंबर को देहरादून में कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इनमें चंदन सिंह जीना का आवास भी शामिल था।
ईडी के मुताबिक, तलाशी के दौरान जीना के घर से 32 लाख रुपये नकद, करीब 200 ग्राम सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद की गईं। इसके अलावा 52।16 लाख रुपये के बैंक बैलेंस को फ्रीज किया गया।
छापेमारी और बरामदगी की जानकारी सामने आने के बाद हरीश रावत ने कांग्रेस के सभी पदों से इस्तीफा देने का ऐलान किया। हालांकि, उन्होंने चंदन सिंह जीना का बचाव भी किया है।
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