न्यूज़म ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में प्रदेश में बिछाई जा रही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पाइपलाइन और कनेक्शन के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों, गैस कंपनियों तथा जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने गैस कंपनियों और सम्बन्धित एजेंसियों को कार्य की गति बढ़ाए जाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद सड़क खुदाई की अनुमति मिलते ही पीएनजी पाइपलाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाए। विशेष रूप से हरिद्वार जनपद में कुंभ-2027 से पहले पीएनजी से संबंधित सभी आवश्यक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी जनपदों में सम्बन्धित एजेंसियों को अपनी कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि जिन क्षेत्रों में नई सड़कें अथवा अन्य निर्माण कार्य प्रस्तावित हैं, उनमें पीएनजी पाइपलाइन के प्रावधान को पहले से ही शामिल किया जा सके। इससे भविष्य में बार-बार सड़क खोदने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और समय एवं संसाधनों की बचत होगी।

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने आपूर्ति विभाग को गैस कंपनियों को पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए भूमि आवंटन, किराये और लीज पर दिए जाने से सम्बन्धित एक स्पष्ट नीति शीघ्र तैयार किए जाने के निर्देश दिए। कहा कि इससे विभिन्न जनपदों में पीएनजी प्लांट एवं अन्य आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भूमि हस्तांतरण में आने वाली समस्याओं का समाधान किया जा सकेगा और कार्यों में तेजी आएगी। उन्होंने रोड कटिंग और रोड डिगिंग पालिसी को भी प्रस्तावित नीति में शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों को पूर्व स्वरूप में लाने का कार्य भी निर्धारित शर्तों के अनुसार शीघ्र पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने कहा कि कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रत्येक एजेंसी विस्तृत टाइमलाइन और टाइमफ्रेम तैयार करे। उन्होंने एजेंसियों को टाइमलाइन के अनुसार परियोजना पूर्ण होने तक का प्रत्येक सप्ताह के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएं और साप्ताहिक प्रगति के आधार पर कार्यों को पूरा कराया जाए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए की मुख्य सचिव ने भारत सरकार की गोवर्धन योजना के तहत उपलब्ध सब्सिडी का लाभ लेने की दिशा में भी प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों और एजेंसियों से आपसी समन्वय के साथ निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा।
इस अवसर पर अपर सचिव रूचि मोहन रयाल, जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग विशाल मिश्रा, आयुक्त खाद्य एवं आपूर्ति बी.एल. राणा एवं अपर आयुक्त पी.एस. पांगती सहित जनपदों से जिलाधिकारी एवं गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
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